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अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में चीन के बजाय भारत को ज़्यादा तरजीह

Wednesday - August 19, 2020 2:07 pm , Category : WTN HINDI
भारतीयों को रिझाने में लगे हैं ट्रम्प और बिडेन
भारतीयों को रिझाने में लगे हैं ट्रम्प और बिडेन

चीन को उसकी हैसियत दिखा रहा है अमेरिका

AUG 19 (WTN) - पूरी दुनिया की निगाहें इन दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव पर लगी हुई हैं। दरअसल, सबसे बड़ी सैन्य और आर्थिक शक्ति अमेरिका में हर चार साल में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव आगामी चार साल के लिए दुनिया की राजनीति की दिशा और दशा तय करते हैं। ख़ैर, जहां तक अमेरिकी चुनाव में दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की उपस्थिति की बात है, तो हर बार की तरह इस बार भी भारतीय मूल के मतदाताओं के प्रति अमेरिकी राष्ट्रपति पद के दोनों ही उम्मीदवारों ने अपना प्रेम ज़ाहिर किया है।

वैसे तो हमेशा से ही अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में भारतीय मूल के मतदाता महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते आए हैं, लेकिन अमेरिका के चीन के साथ जारी तनाव के कारण रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रम्प और डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बिडेन, भारतीय मूल के मतदाताओं को चीन के लोगों से ज़्यादा तरजीह दे रहे हैं।

दरअसल, अमेरिका में भारतीयता एक विश्वसनीय ब्रांड है। अमेरिका की तकनीक और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में हुई प्रगति में भारतीयों का काफी योगदान रहा है। अब जबकि कोरोना वायरस संक्रमण महामारी, ट्रेड वॉर और साउथ चाइना सी को लेकर अमेरिका और चीन के बीच युद्ध तक की नौबत आ गई है, तो ऐसे में चीन को नीचा दिखाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में भारत की तरफ दोनों ही पार्टियों का झुकाव देखा जा रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का रुख तो पहले से ही कोरोना वायरस संक्रमण महामारी, ट्रेड वॉर और साउथ चाइना सी को लेकर चीन विरोध का रहा है। पर अब, डेमोक्रेटिक पार्टी से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बिडेन ने भी चीन को सबक सिखाने के लिए भारत से दोस्ती की बात की है। चीन को साफ तौर पर चेतावनी देते हुए जो बिडेन ने कहा है, "अगर हम जीतते हैं तो हमारा प्रशासन भारत के साथ अमेरिकी सम्बन्धों को और भी मजबूती देगा और अमेरिका, भारत के साथ हमेशा खड़ा रहेगा।"

दरअसल, जो बिडेन ने चीन की तरफ से भारत को मिल रही चुनौतियों और मुश्किलों के मद्देनज़र चीन का नाम लिए बिना कहा है कि अमेरिका हमेशा भारत के साथ खड़ा नज़र आएगा। दरअसल, बिडेन जानते हैं चीन, भारत के लिए इस समय सबसे बड़ी चुनौती है। हाल ही में गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद भारतीयों में चीन के ख़िलाफ़ ज़बरदस्त गुस्सा है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चीन, पाकिस्तान के साथ मिलकर जिस तरह से षड्यंत्र करता रहता है उससे भी भारतीय लोग, चीन को बेईमान और धोखेबाज़ मानते हैं। यही कारण है कि भारतीय लोगों को चुनाव में अपनी ओर आकर्षित करने के लिए ट्रम्प के बाद अब बिडेन भी चीन के बजाय भारत को तरजीह दे रहे हैं।

वहीं, हाल ही में डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों ने मिलकर अमेरिका की संसद में चीन के ख़िलाफ़ एक प्रस्ताव भी पास किया था जिसमें चीन की जमकर आलोचना की गई थी। स्पष्ट है कि अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के प्रचार में भारत के पक्ष में ज़्यादा रुझान है, और चीन की जमकर आलोचना हो रही है। दरअसल, रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक, दोनों ही पार्टियों के उम्मीदवार चीन के ख़िलाफ़ माहौल बनाकर चुनाव जीतना चाहते है।

दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में भारतीय मूल के मतदाताओं की संख्या मायने रखती है। बता दें कि अमेरिका में भारतीय मूल के क़रीब 41 लाख अमेरिकी रहते हैं, और इनमें से क़रीब 44 प्रतिशत ऐसे हैं जो अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में मतदान कर सकते हैं। यानी भारतीय मूल के क़रीब 15 लाख अमेरिकी मतदाता इस बार राष्ट्रपति चुनाव में अपना वोट डालेंगे। स्पष्ट है कि भारतीय मूल के यह मतदाता अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं, इसलिए इस बार अमेरिका में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार भारतीय मतदाताओं को अपनी तरफ करने में कोई भी कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

अमेरिकी राजनीति के जानकारों के अनुसार, डोनाल्ड ट्रम्प और जो बिडेन दोनों ही अच्छी तरह से जानते हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण महामारी और ट्रेड वॉर के कारण अमेरिका में चीन के ख़िलाफ़ गुस्सा है। वहीं, चीन की हरक़तों के कारण भारतीय भी चीन के ख़िलाफ़ लामबंद हैं। तो ऐसे में इस बार, अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में चीन को नीचा दिखाने के लिए भारत और भारतीयों के प्रति डोनाल्ड ट्रम्प और जो बिडेन अपनापन दिखा रहे हैं।