'धरती के भगवान' ने कोरोना वायरस से संक्रमित महिला की चुनौतीपूर्ण डिलेवरी को दिया अंजाम; बच्चे की किलकारी से गूंजा हॉस्पिटल
पीपुल्स हॉस्पिटल, भानपुर में हुई कोरोना मरीज़ की अपने तरह की पहली सफल डिलेवरी, मां और बच्चा दोनों स्वस्थ्य
AUG 20 (WTN) - डॉक्टर्स को धरती पर भगवान का रूप कहा गया है, और यही 'धरती के भगवान' कोरोना वायरस संक्रमण महामारी के इस कठिन दौर में अपनी जान की परवाह किए बिना दिन-रात मेहनत कर मरीज़ों का इलाज कर रहे हैं और उन्हें नया जीवन प्रदान कर रहे हैं।
पीपुल्स हॉस्पिटल, भानपुर के डॉक्टर्स ने कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित एक गर्भवती महिला की डिलेवरी कर मां और बच्चे को नया जीवन प्रदान किया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पीपुल्स हॉस्पिटल, भानपुर में COVID मरीज़ों का इलाज किया जा रहा है। इस दौरान, कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित फरीदा (33) नाम की एक गर्भवती महिला भी इलाज के लिए भर्ती थी। दरअसल, महिला फ्लूड की कमी विथ फीटल डिस्ट्रेस व हाई ब्लड प्रेसर से पीड़ित थी और कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित होने के कारण महिला की डिलेवरी काफी मुश्किल और चुनौतीपूर्ण थी।
लेकिन, इस क्रिटिकल केस को पीपुल्स हॉस्पिटल, भानपुर की डॉक्टर्स की टीम ने चुनौती के रूप में स्वीकार किया और महिला की सफल और सुरक्षित डिलेवरी को अंजाम दिया। वहीं, कोरोना संकट के इस कठिन दौर में बच्चे की किलकारी से मां और पूरा परिवार खुश है और सभी डॉक्टर्स को धन्यवाद दे रहे हैं।
बता दें कि कोविड मरीज़ की डिलेवरी के अपने तरह के इस पहले केस को पीपुल्स हॉस्पिटल, भानपुर की डॉक्टर गुरप्रीत कौर, HOD, गाइनिकोलाजी, डॉक्टर प्राची कुशवाह, डॉक्टर चारु, डॉक्टर उत्तरा गुप्ता और एनेथेसिया विशेषज्ञ डॉक्टर सौरभ जैन और नर्स रत्ना, सोफिया, मनोहर और योगिता की टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया। वैसे फिलहाल मां और बच्चा दोनों स्वस्थ्य हैं और डॉक्टर्स की सतत निगरानी में हैं।
डॉक्टर अशोक मस्के ने मेडिकल डायरेक्टर, पीपुल्स हॉस्पिटल ने पेशेंट फरीदा से बात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और इस जटिल परिस्थिति में सफतापूर्वक कार्य के लिए पूरी टीम की सराहना की और कहा पीपुल्स हॉस्पिटल सदैव समाज की सेवा के लिए तत्पर है.