जानिए चीन ने अपने किस हथियार के ज़रिए दी भारत और ताइवान को अप्रत्यक्ष रूप से चेतावनी?
भारत और ताइवान से विवाद के बीच चीन ने तियानलेई 500 के ज़रिए दिखाई अपनी ताक़त
AUG 20 (WTN) - जैसा कि आप जानते ही हैं कि चीन अपने लगभग सभी पड़ोसी देशों के साथ सीमा विवाद करता रहता है, और यही कारण है कि इन विवादों के कारण ही चीन हमेशा ही युद्ध की धमकी देता रहता है। इधर, हाल ही में पूर्वी लद्दाख में चीन और भारत के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसके बाद भारत, चीन की किसी भी हिमाक़त का जवाब देने के लिए अपनी सैन्य शक्ति में इज़ाफ़ा कर रहा है।
ख़ैर, ऐसा नहीं है कि चीन सिर्फ़ भारत के साथ ही विवाद करता है और सैन्य संघर्ष की धमकी देता है, बल्कि चीन के अमेरिका, ताइवान, जापान, दक्षिण कोरिया और फिलीपींस के साथ भी तनावपूर्ण सम्बन्ध चल रहे हैं। इस सबके बीच, चीन ने ख़ुद को शक्तिशाली सिद्ध करने के लिए अपने एक नए हथियार तियानलेई 500 (Tianlei 500) को अपनी मीडिया, स्टेट टीवी के ज़रिए पूरी दुनिया के सामने पेश किया है।
दरअसल, भारत, ताइवान और अमेरिका को डराने के लिए चीन यह सारा प्रोपेगैंडा कर रहा है। बता दें कि चीन की मीडिया, स्टेट टीवी में इस चीनी हथियार तियानलेई 500 की जानकारी तरह से महिमामण्डित करके दी जा रही है जिससे चीन की तानाशाही और दादागिरी का विरोध कर रहे देश उससे डरें। जानकारी के अनुसार, तियानलेई का अर्थ होता है आकाशीय तूफान। चीन की स्टेट टीवी के अनुसार, यह नया हथियार 500 किलो का एक सटीक गाइडेड म्यूनिशन डिस्पेंसर और हवा से सतह पर मार करने वाला घातक हथियार है।
चीन का दावा है कि उसने इस नए हथियार तियानलेई 500 को सैनिक टुकड़ियों और एयरफील्ड पर हमला करने के लिए डिज़ाइन किया है जो कि घातक विस्फोटक बम गिराने में सक्षम है। जानकारों के अनुसार, तियानलेई 500 एक ग्लाइड बम की तरह है, जो लड़ाकू जेट विमान से छोड़ा जा सकता है। वहीं, यदि एक बार इससे हमला कर दिया जाए, तो इसके बम सैटेलाइट नेविगेशन का उपयोग कर सटीक निशाना लगाने में सक्षम हैं।
चीन का दावा है कि यह हथियार लेज़र गाइडेड भी है। वहीं, दावा यह भी किया जा रहा है कि इससे ऊंची जगह से हथियार गिराने पर यह क़रीब 37 मील तक के निशाने को ध्वस्त कर सकता है। साथ ही इसे इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि यह एक बार में ही बमों को छह हज़ार वर्ग मीटर के इलाके में फैला सकता है, जिससे इन बमों का विस्फोट, परम्परागत उच्च विस्फोटक बमों की तुलना में ज़्यादा बड़े इलाके में होगा।
कहा जा रहा है कि चीन का यह नया हथियार सिस्टम तियानलेई 500, अमेरिका की नेवी एयरफोर्स के एजीएम 154A ज्वाइंट स्टैंड ऑफ़ वेपन (JSOW) की तरह ही है, जिसे साल 1998 में अमेरिकी सेना में शामिल किया गया था। ख़ैर, चीन ने तियानलेई 500 के ज़रिए दावा किया है कि उसके पास नई पीढ़ी का अत्याधुनिक घातक हथियार है, और यह हथियार एक बड़े क्षेत्र में बड़ा विध्वंस कर सकता है।
अब जबकि चीन और ताइवान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है, तो देखना होगा कि क्या चीन, तियानलेई 500 का इस्तेमाल ताइवान के ख़िलाफ़ करता है क्या? लेकिन, यदि चीन ने तियानलेई 500 का इस्तेमाल चीन के ख़िलाफ़ किया, तो फिर अमेरिका शांत नहीं बैठेगा, और यदि ताइवान के समर्थन में अमेरिका ने चीन को सैन्य कार्रवाई के रूप में जवाब दिया, तो एक बड़े विनाशकारी युद्ध की आशंका से इनकार नहीं किया का सकता है।