जानिए मोदी सरकार के 'किस फ़ैसले' से बिज़नेस शुरू करना अब होगा आसान?
ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस के लिए मोदी सरकार ने उठाया बड़ा क़दम
AUG 25 (WTN) - एक समय था, जब भारत में कोई भी व्यापार शुरू करने के लिए इतनी सारी काग़ज़ी कार्रवाई करना पड़ती थी कि व्यापार शुरू करने से पहले किसी भी व्यक्ति को कई बार सोचना पड़ता था। टेक्नोलॉजी के आने से; हालांकि, काग़ज़ी कार्रवाई कम हुई है, लेकिन इसके बाद भी व्यापार शुरू करने के लिए आज भी कई तरह के लाइसेंस की ज़रूरत होती है। यही कारण है कि ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस के मामले में भारत को अभी भी बहुत कुछ करने की ज़रूरत है।
हालांकि, जब से नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बने हैं, तब से ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस के मामले में काफी बड़े और कड़े क़दम उठाए गए हैं, और भारत में पहले की तुलना में व्यापार करना आसान भी हुआ है। अब इसी कड़ी में, मोदी सरकार ने एक नया फ़ैसला लिया है, जिसके तहत अब नया बिज़नेस शुरू करने के लिए बिज़नेस का GST (Goods and Service Tax) रजिस्ट्रेशन सिर्फ़ तीन दिनों में हो जाएगा। दरअसल, मोदी सरकार की यह पूरी क़वायद इसलिए है जिससे नया बिज़नेस शुरू करने वालों को परेशानी न हो।
लेकिन, नया बिज़नेस शुरू करने के लिए GST (Goods and Service Tax) रजिस्ट्रेशन नम्बर सिर्फ़ तीन दिनों में तब ही मिलेगा जब वे इसके लिए अपना आधार कार्ड (Aadhaar card) नम्बर देंगे यानि कि आधार ऑथेंटिकेशन कराएंगे। केन्द्रीय वित्त मंत्रालय के अनुसार, नए बिज़नेस को शुरू करने के लिए आधार ऑथेंटिकेशन के ज़रिए GST रजिस्ट्रेशन नम्बर देने की शुरुआत कर दी गई है। इसके तहत, जो भी व्यापारी अपने व्यापार को शुरु करने के लिए GST आवेदन के समय अपना 12 अंकों का आधार कार्ड नम्बर देगा, ऐसे में कोई भी नोटिस नहीं मिलने पर उसके व्यापार को तीन दिन के अंदर GST नम्बर मिल जाएगा। लेकिन, GST नम्बर के जिन आवेदनों में आधार कार्ड का नम्बर अंकित नहीं होगा उन्हें फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद ही GST नम्बर मिलेगा।
दरअसल, इसके पीछे सरकार की मंशा है कि GST नम्बर लेने के लिए आधार ऑथेंटिकेशन की इस नई व्यवस्था से नया व्यापार शुरू करने वाले व्यापारियों को तो राहत मिलेगी ही, वहीं फ़र्ज़ी कम्पनियों पर लगाम लग सकेगी। स्वाभाविक है कि आधार ऑथेंटिकेशन के ज़रिए GST रजिस्ट्रेशन करने के सरकार के इस निर्णय से ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस को देश में गति मिल सकेगी क्योंकि इससे नया व्यापार शुरू करने के बाद उन्हें GST नम्बर के लिए लम्बा इंतज़ार नहीं करना होगा।
वहीं, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि GST नम्बर के लिए आवेदन करते समय जो भी आवेदक बिज़नेस के वेरिफिकेशन के लिए आधार ऑथेंटिकेशन के विकल्प को नहीं चुनेंगे, उन्हें GST नम्बर के रजिस्ट्रेशन के लिए 21 दिनों तक इंतज़ार करना पड़ सकता है। वहीं, यदि उन्हें किसी जानकारी के लिए कोई नोटिस दिया जाता है, तो GST नम्बर हासिल करने लिए और भी ज़्यादा इंतज़ार करना होगा। तो कहां जा सकता है कि आधार ऑथेंटिकेशन होने से ईमानदार टैक्सपेयर को सरकार की तरफ़ से सहूलियत दी जाएंगी, जिससे व्यापार करना आसान होगा।