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हल्के में न लें कोरोना वायरस संक्रमण को; शरीर के कई अंगों को पहुंचाता है नुकसान

Tuesday - August 25, 2020 4:40 pm , Category : WTN HINDI
बढ़ते ही जा रहे हैं कोरोना वायरस संक्रमण के मामले
बढ़ते ही जा रहे हैं कोरोना वायरस संक्रमण के मामले

शोध का दावा: कोरोना वायरस के फेफड़ों और किडनी पर अटैक करने से हो जाती है मरीज़ की मौत

AUG 25 (WTN) - चीन के वुहान शहर से फैली कोरोना वायरस संक्रमण महामारी इस समय मानव सभ्यता के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। कोरोना वायरस संक्रमण महामारी की भयावहता का अंदाज़ा आप इस बात से लगा सकते हैं कि इस लेख को लिखे जाने तक, कोरोना वायरस कोरोना संक्रमण महामारी से अभी तक पूरी दुनिया में क़रीब 8,17,368 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, कोरोना वायरस संक्रमण से अभी तक क़रीब 2,38,30,363 लोग संक्रमित हो चुके हैं।

इधर, जैसा कि आप जानते ही हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी की अभी तक कोई भी प्रामाणिक वैक्सीन नहीं बन सकी है, जो कि क्लीनिकल ट्रायल के सभी चरणों को सफलतापूर्वक पूरा कर चुकी हो। हालांकि, रूस का दावा है कि उसके वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस संक्रमण महामारी की सफल और सुरक्षित वैक्सीन बना ली है। लेकिन, रूस के इस दावे पर न ही WHO (World Health Organization) और न ही अमेरिका समेत कुछ देश यक़ीन कर रहे हैं।

हालांकि, कोरोना वायरस संक्रमण महामारी पर लगातार शोध जारी हैं। दुनियाभर के वैज्ञानिक यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण से मौत के क्या कारण हैं? इसी कड़ी में द लैंसेट माइक्रोब में प्रकाशित एक रिसर्च स्टडी में दावा किया गया है कि कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित होने के बाद कोरोना वायरस, मरीज़ के फेफड़े और किडनी को काफी चोट पहुंचाता है, जिससे मरीज़ को सांस लेने में परेशानी होती है और उसकी मौत हो जाती है। दरअसल, इंग्लैंड में कोरोना मरीज़ों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर इंपीरियल कॉलेज लंदन और इंपीरियल कॉलेज हेल्थकेयर NHS ट्रस्ट ने शोध किया है, जो कि द लैंसेट माइक्रोब में प्रकाशित हुई है।

दरअसल, कोरोना वायरस, मानव शरीर में प्रवेश करने के बाद ​अलग-अलग अंगों को प्रभावित करता है। कोरोना वायरस से गम्भीर रूप से संक्रमित होने पर मानव शरीर के फेफड़े, किडनी और अन्य कई अंग काफी क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। ऐसे में कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद भी, कोरोना वायरस से एक बार संक्रमित हो चुका व्यक्ति अन्य बीमारियों से जूझता रहता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शोध में दावा किया गया है कि कोरोना वायरस संक्रमण से होने वाली मौतों में 10 में से 9 मरीज़ों के दिल, किडनी और फेफड़े में खून के थक्के जमे मिले।

दरअसल, जब इंपीरियल कॉलेज NHS ट्रस्ट के अस्पतालों में जब 22 से 97 साल की उम्र के कोरोना मरीज़ों की मौत के बाद उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जांच की गई, तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जांच में पता चला कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज़ की किडनी और फेफड़ों को कोरोना वायरस ने बुरी तरह से क्षतिग्रस्त किया था, और आंतों में सूजन आ चुकी थी। शोध के अनुसार, कोरोना वायरस संक्रमण से होने वाली मौत का स​बसे बड़ा कारण उच्च रक्तचाप और फेफड़ों में होने वाली परेशानियां थीं।

ख़ैर, अब जबकि कोरोना वायरस संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं, तो समय की ज़रूरत है कि आप ख़ुद का पूरा ध्यान रखें। वहीं, घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। इतना ही नहीं, डॉक्टर की सलाह से योग, प्रणायाम और आयुर्वेद के ज़रिए ख़ुद की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं। साथ ही, विटामिन-डी की शरीर में आपूर्ति के लिए कम से कम 20 मिनिट तक सूर्य की रोशनी के प्रत्यक्ष सम्पर्क में रहें।